सठिया गया है देश चलो जश्न मनायें [गणतंत्र के साठ वर्ष पूर्ण होने पर - कविता] - राजीव रंजन प्रसाद

साहित्य शिल्पी गाँधी की नये फ्रेम में तस्वीर सजायें,सठिया गया है देश चलो जश्न मनायें।।हमने भी गिरेबाँ के बटन खोल दिये हैंथी शर्म, कबाड़ी ने रद्दी में खरीदी हैबीड़ी जला रहे हैं अपने जिगर से यारोंये पूँछ खुदा ने जो सीधी ही नहीं दी हैहम अपनी जवानी में वो आग लगाते... [पूरी पोस्ट]
writer साहित्य-शिल्पी

कविता

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[26 Jan 2010 19:30 PM]

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