गणतंत्र दिवस

एक नई शुरुआत गणतंत्र दिवस के अवसर पर बहार निकलने का मौका मलिया सब कुछ सूना सूना सा नज़र आ रहा था सडकें सुनी गलियां सुनी हर तरफ पुलिस की रेकॉर्डेड चेतावनियाँ sunaaei  दे रही थी मेरे उठाने से पहले ही राष्ट्रपति  का भाषण एवं परेड सब कुछ ख़त्म हो चुका था... [पूरी पोस्ट]
writer jagdeep singh
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[26 Jan 2010 10:42 AM]

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