आज़ादी का गीत
हम ऐसे आज़ाद हमारा झंडा है बादल।चाँदी सोने हीरे मोती से सजती गुड़ियाँ।इनसे आतंकित करने की बीत गई घड़ियाँइनसे सज धज बैठा करते जो हैं कठपुतलेहमने तोड़ अभी फेंकी हैं बेड़ी हथकड़ियाँपरंपरा गत पुरखों की हमने जाग्रत की फिर सेउठा शीश पर रक्खा हमने हिम किरीट...
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Nirbhay Jain
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[26 Jan 2010 02:50 AM]



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