बुरे आदमी से संगत सांप पालने से अधिक दुःखदायी-हिन्दी संदेश

 दीपक भारतदीप की जागरण-पत्रिका संकलक एवं संपादक-दीपक भारतदीप,Gwalior http://rajlekh.blogspot.com ____________________________ नीति विशारद चाणक्य महाराज का कहना है कि क्षान्तिश्चत्कवचेन किं किमनिरभिः क्रोधीऽस्ति चेद्दिहिनां ज्ञातिश्चयेदनलेन किं यदि सहृदद्दिव्यौषधं किं फलम्। किं... [पूरी पोस्ट]
writer दीपक भारतदीप

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[26 Jan 2010 00:09 AM]

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