एक अनवरत आत्मालाप का कवि : हरिभजन सिंह
-लेखक: गगन गिल
हर महान कवि अन्ततः एक बिम्ब हो जाता है। काव्य-कर्म चेतन-अवचेतन के रूप में स्वयं को बिम्ब में बदलने देना है, जैसे मक्खी तितली में, मछली मेढक में बदल जाए। बड़ा कवि वह नहीं, जो हर विषय पर कविता लिख सकता हो, बल्कि वह है जो एक ही विषय पर बार-बार...
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admin
परिचयगगन गिलगुरुमुखी लिपिहरिभजन सिंह
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[19 Dec 2009 00:26 AM]



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