नमक रोटी

एक बूँद "जसुमति नंदन रोटी खावे,भीम रे जैसो बड्को होवे""क्या माँ...तू रोज़ एक ही बात कहे है.." मुझे नी खानी सूखी रोटी- अचार...... तीखा लगे है अचार, तू दही क्यूँ ना लाती? ""कल ला दूंगी मेरे लाल ... आज खा ले रे, अब अपनी माँ को और ना सता, चल खा ले." "जसुमति!!! ओ... [पूरी पोस्ट]
writer pooja

नमक रोटी

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[25 Jan 2010 12:30 PM]

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