पत्रों का सिलसिला चलता रहे...

डाकिया डाक लाया आजकल कविता वर्मा जी चिट्ठियों पर मेहरबान हैं. तभी तो उनके ब्लॉग kase kahun? पर चिट्ठी से जुडी यादें रोज ताजा हो रही हैं. उनकी चिट्ठियों में रिश्तों की सोंधी खुशबू है, जो भीना-भीना अहसास दे जाती है. अब कविता जी की चिट्ठियाँ डाकिया बाबू नहीं बांचे तो भला... [पूरी पोस्ट]
writer डाकिया बाबू

अन्य ब्लॉग पर डाक / डाकिया

views
16
upvote
0
downvote
0
rating
0
comments
5
[25 Jan 2010 05:03 AM]

Free Vedic Astrology From Astrobix