"बेवफाई को एक नया नाम "
"बेवफाई को एक नया नाम " मन की आहटों का
एक नाजुक सफर था
तेरे मेरे दरमियाँ ...... ना मुझे चाँद तारो की ख्वाईश
ना तुम्हारी कोई फरमाईश न मुझ पे तेरी निगाहों का पहरा
न तुझ पे मेरी कोई ज़ोर आजमाईश दोनों के पास ही तो
उन्मुक्त आसमान था .... तेरी बेरुखी की खामोश...
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seema gupta
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[24 Jan 2010 21:22 PM]



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