कुमार विनोद : ग़ज़ल-गाँव का नया दुष्यंत

पाल ले इक रोग नादां जिंदगी के वास्ते... हिंदी-साहित्य की समस्त विधाओं में चाहे वो कहानी हो, कविता हो, गीत-नवगीत हो, उपन्यास हो, लेख, यात्रा-संस्मरण या आलोचना आदि हो...इन समस्त विधाओं में ग़ज़ल हमेशा से हाशिये पर ही खड़ी नजर आती है। आप कोई भी साहित्यिक पत्रिका उठा कर देख लीजिये...हफ़्ते, पखवारे,... [पूरी पोस्ट]
writer गौतम राजरिशी

एक शायर की डायरी से...

views
47
upvote
3
downvote
0
rating
3
comments
25
[24 Jan 2010 20:30 PM]

Free Vedic Astrology From Astrobix