गज़ल

दिशाएं (नेट से साभार) आज फुर्सत मे बैठ कर कुछ गजलें सुन रहा था.."तुम इतना क्यूं मुस्करा रहे हो.." इसी को सुनने के बाद गजल लिखने बैठा और ये गजल बना ली....। इस मे उस गजल की झलक भी नजर आएगी....लेकिन फिर भी लिख दी....। जब गजल कि अंतिम पंक्तियां लिखनें लगा....तो... [पूरी पोस्ट]
writer परमजीत बाली

परमजीत बाली

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[24 Jan 2010 19:44 PM]

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