साहित्य की स्वाधीन और जनपक्षधर परंपरा का उपहास है समसुंग पुरस्कार

समकालीन जनमत समसुंग कंपनी और साहित्य अकादमी की ओर से दिया जा रहा टैगोर साहित्य पुरस्कार साहित्य अकादमी की स्वायत्ता, भारतीय साहित्य की गौरवशाली परंपरा और टैगोर की विरासत के ऊपर एक हमला है। देश की तमाम भाषाओं के साहित्यकारों व साहित्यिक-सांस्कृतिक संगठनों को इस... [पूरी पोस्ट]
writer समकालीन जनमत

साहित्य

views
22
upvote
3
downvote
0
rating
3
comments
0
[24 Jan 2010 13:29 PM]

Free Vedic Astrology From Astrobix