सरफ़रोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है

shahroz  ka rachnasansaar -बिस्मिल अज़ीमाबादी!जी हाँ!! इस मशहूर क्रांतिकारी पंक्ति जिसने अंग्रेजों की चूलें हिला दीं थीं.जिसे गुनगुनाते हुए  अपना सर्वस्व होम करना देशवासी अपना फ़र्ज़ समझते थे.इस ग़ज़ल के रचयिता आप ही हैं.दरअसल ख्यात देशभक्त जिनपर हमें नाज़ है, रामप्रसाद बिस्मिल... [पूरी पोस्ट]
writer शहरोज़
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[24 Jan 2010 13:15 PM]

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