चक्राकार प्लाट
चक्राकार प्लाट चक्राकार प्लाट जहाँ, किया नया निर्माण। सब पैसा पूरा हुआ , कौन करेगा त्राण।। कौन करेगा त्राण , माता-पिता है पैसा। पैसा रहा न पास, है भाई शत्रु जैसा।। कह `वाणी´ कविराज, करो उसे वगाZकार। कुछ-कुछ भुजा छोड़ो, रख न प्लाट चक्राकार।। शब्दार्थ :...
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प्लाट
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[24 Jan 2010 09:21 AM]



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