इस तरह उड़ान भरते हैं हौसले

चेतना के स्वर उजाले की ओर कभी लोगों से ताने सुनने वाले विकलांग ने दिया मूक-बधिर बच्चों को मजबूत सहारापैरों और एक आंख से नि:शक्त धन्नाराम पुरोहित के बारे में गांव के लोग कहा करते थे कि यह बेचारा जिन्दगी में क्या कर पाएगा, लेकिन आज उसी धन्नाराम ने सैकड़ों निज्शक्तजनों को धन्य कर रखा... [पूरी पोस्ट]
writer चेतना के स्वर

जज्बा

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[24 Jan 2010 02:27 AM]

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