मै और तस्वीर
मै रोज उसकी तस्वीर को लेकर,देर तक निहारता हूँ।शायद अब मेरे दर्द को समझेगी,और मेरा हाल पूछेगी।।अखिर तस्वीर तो भी निष्ठुर थी,अखिर तस्वीर भी तो उसकी थी।मूक तस्वीर के आगे मेरी आस टूट गई,याद मे जी रहा हूँ बस सांस तो टूट गई।।...
[पूरी पोस्ट]
महाशक्ति
7
0
0
0
3
[23 Jan 2010 08:03 AM]



Shuffle








