पकिस्तान प्रीमियर लीग

शिवकुमार मिश्र  और ज्ञानदत्त पाण्डेय  का ब्लॉग आई पी एल में खिलाड़ी बिकने के लिए तैयार थे. कुछ खरीद लिए गए तो कुछ को किसी ने पूछा ही नहीं. नहीं पूछा माने बिलकुल नहीं पूछा. जिन्हें नहीं पूछा गया ऐसे लोगों के लिए खरीदार मोल-भाव करने के लिए भी राजी नहीं हुए. वैसा भी नहीं हुआ जैसा बाज़ार ख़त्म होने के समय... [पूरी पोस्ट]
writer Shiv Kumar Mishra
views
84
upvote
8
downvote
0
rating
8
comments
14
[23 Jan 2010 02:44 AM]

Free Vedic Astrology From Astrobix