हाथ काले क्यूँ हैं?

ज़रा हट के-लाफ्टर के फटके संता(रेल्वे स्टेशन से बाहर निकलते हुए खुशी से)... "ओ बड़े दिनों में खुशी का दिन आया...ओ बड़े दिनों में खुशी का दिन आया .. बंता: ...क्या बात?...बड़े खुश नज़र आ रहे हो...कोई लॉटरी लग गई क्या?.... संता: हाँ!...लॉटरी ही समझो.. बंता: लॉटरी की टिकट क्या कोयले... [पूरी पोस्ट]
writer राजीव तनेजा

rajivtaneja

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[23 Jan 2010 01:19 AM]

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