अनचाहा सा सवाल

कुछ मेरी कलम से -kuch  meri kalam se ** (इसको बड़ा कर के पढ़े )बहुत सोचता है मेरा दिल तुम्हारे लिए बहुत सी बातें कह कर भीकुछ अनकहा सा रह जाता है मेरे दिल में तुम्हारे लिएएक प्यार का सागर लहरता हैफिर भी ना जाने यह दिलअनचाहा सा सवाल क्यों कर जाता हैपूछता है दिल मेरा अक्सर ......क्या मेरे प्यार का... [पूरी पोस्ट]
writer रंजना [रंजू भाटिया]
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[23 Jan 2010 00:38 AM]

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