भाषा, व्यक्त्तिव और धर्म की पहचान पर विचार की आवश्यकता-हिन्दी लेख (dharma aur bhasha ki pahchan-hindi article)
हम जब हिन्दी, हिन्दू तथा हिन्दुत्व पर विचार करते हैं तो हमारा चिंतन केवल अपने देश तक ही सीमित हो जाता है। हम उस पहचान पर ही अपना ध्यान केंद्रित करते हैं जैसी हम देखना चाहते हैं, विदेशों में हमारे धर्म, भाषा तथा विचारों को कितने व्यापक संदर्भों में देखा...
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दीपक भारतदीप
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[22 Jan 2010 10:42 AM]



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