कुहेलिका . कुहेलिका

Patna Gandhi Maidan पूरे उत्तरी भारत में ठंढ का ऐसा आलम है की अखबार और टी वी चैनल वालों को उपयुक्त विशेषण नहीं मिल रहे हैं .अनुप्रास अलंकार की तो बात hin नहीं है .मित्र नीरज ने दिल्ली के कुहरे , ठंढक और उसमें बनते बिगड़ते मनोविज्ञान का बढ़िया खाका अपनी इस कविता में किया... [पूरी पोस्ट]
writer Kaushal Kishore , Kharbhaia , Patna : कौशल किशोर
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[22 Jan 2010 06:29 AM]

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