खुदा जाने -- उसने कैसी तलब पी थी

अमृता प्रीतम की याद में..... लोगों के मन का कोई रिश्ता नहीं होता |सिर्फ घडी दो घडी के लिए वे रिश्ते का भ्रम डालना चाहते हैं | इसलिए लोग चुप रहते हैं ...पर जब किसी को रिश्ते से डर लगता हो .तो ख़ामोशी इस डर को बढ़ा देती है ,इसलिए उसको बोलना पड़ता है ,डर को तोडना पड़ता है ..पर कई रिश्ते... [पूरी पोस्ट]
writer रंजना [रंजू भाटिया]

अमृता प्रीतम नज्म

views
21
upvote
2
downvote
0
rating
2
comments
10
[22 Jan 2010 06:14 AM]

Free Vedic Astrology From Astrobix