टोहते

parul chaand pukhraaj kaa..... चाहें तो रूख़ कर लें अपनी -अपनी देहरियों काचाहे तो भटकन ही बना लें शेष जीवन का उद्देश्यजो भी हो ,जो भीपर तय कर लेंकर लें सुनिश्चित क्योंकिजीवन में इत्मीनान बहुत ज़रूरी है ......... ...... ... .बरसों बाद ख़ुद को टोहतेअपने निपट एककाकीपन में जाना के तुम्हारे... [पूरी पोस्ट]
writer पारूल

मेरे फ़ितूर

views
24
upvote
3
downvote
0
rating
3
comments
11
[22 Jan 2010 01:07 AM]

Free Vedic Astrology From Astrobix