टोहते
चाहें तो रूख़ कर लें अपनी -अपनी देहरियों काचाहे तो भटकन ही बना लें शेष जीवन का उद्देश्यजो भी हो ,जो भीपर तय कर लेंकर लें सुनिश्चित क्योंकिजीवन में इत्मीनान बहुत ज़रूरी है ......... ...... ... .बरसों बाद ख़ुद को टोहतेअपने निपट एककाकीपन में जाना के तुम्हारे...
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पारूल
मेरे फ़ितूर
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[22 Jan 2010 01:07 AM]



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