चहुं ओर प्रकाश फेकने वाले दीप को ही हम सुंदर कह सकते हैं !!
आध्यात्मिक ज्ञान सहित जीवन प्रदत्त शिक्षा के लिए भारत विश्व में अग्रणी रहा है। साम्य भाव के स्तर पर निर्धन , धनी शिष्यों की एकता , नैतिकता और कर्मठता का पाठ व्यावहारिक , शैक्षिक स्थल से ही जिन गुरू आश्रमों में परहित भाव से प्राप्य था , अब वह...
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संगीता पुरी
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[21 Jan 2010 22:45 PM]



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