चलो, प्याली में चांद पीया जाये.

सलाम करता चलूं १.धूप की सरकार गिर गईसूरज नज़रबंद हुआ हैमौसम का दिल है जलाकोहरे की धुंआ है.२.बदन पें बूंदेंजुबां से कोहरे की सांस छोडती हैबर्फ़ीले मौसम मेंपुराने रिश्ते उभर रहे हैशिमला की मैसेरी बहन निकली, दिल्ली.३.अलाव जलाये रास्तों पेआग से दोस्ती कर लेंकोहरे की खाट... [पूरी पोस्ट]
writer ritu raj
views
16
upvote
1
downvote
0
rating
1
comments
3
[21 Jan 2010 13:21 PM]

Free Vedic Astrology From Astrobix