प्रेमवाणी

प्रेमवाणी ईश्वर का साझी बनानासबसे बड़ा पाप हैउस सच्चे मालिक ने अपने कुरआन में हमें बताया कि नेकियों, सतकर्म, पुण्य ओर सदाचार छोटे भी होते हैं और बड़े भी इसी प्राकर उस मालिक के यहॉ गुनाह, कुकर्म, पाप भी छोटे बड़े होते हैं उसने हमें बताया है कि जो पाप हमें सब से अधिक... [पूरी पोस्ट]
writer safat alam taimi
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[30 Jul 2009 01:33 AM]

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