ईश्वर की महिमा ( एक प्रवचन)

प्रेमवाणी हज़रत अबू ज़र ग़िफारी रज़ि0 का कथन है, कि अन्तिम संदेष्टा मुहम्मद सल्ल० ने बयान किया कि अल्लाह (ईश्वर) फरमाता हैः· «ऐ मेरे दासो! मैंने स्वयं पर अन्याय को वर्जित कर लिया है,और तुम्हारे बीच भी इसे वर्जित कर दिया है इस लिए परस्पर एक दूसरे पर अन्याय न करो।·... [पूरी पोस्ट]
writer safat alam taimi
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[18 Oct 2009 13:10 PM]

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