कर्मफल
पाप और पाराकोई नहीं पचा सकता यदि कोई छिपाकर पारा कहा ले, तो किसी न किसी दिन वह शरीर से फूट कर निकलेगा|
पाप करने से उसका फल एक न एक दिन निश्चय ही भोगना पड़ेगा|
रेशम के कीड़े जैसे अपनी लार से अपना घर बनाकर आप ही उसमें फंसता है, वैसे ही संसार के जीव भी अपने...
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Neelam Pande
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[21 Jan 2010 04:25 AM]



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