मालवा की मिट्टी से जुड़ा शास्त्रीय गायक

तेरे सुर और मेरे गीत शिवपुत्र सिद्धरामैया कोमकाली यानी हमारे कुमार जी और बाक़ी सब के कुमार गंधर्व ।वे जब इंदौर के छोटी लाइन के रेलवे स्टेशन पर उतरे तो चौबीस बरस को थे । कर्नाटक के धारवाड़ में 8 अप्रेल 1924 को जन्में और पुणे में प्रोफेसर देवधर और अंजनी बाई मालपेकर से संगीत की... [पूरी पोस्ट]
writer vikas
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[20 Jan 2010 17:25 PM]

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