कमलासना माँ!
माँ!तुम कब तक यूँ हीकमलासना बनीवीणा- वादन करती रहोगी? कभी-कभी अपनेभक्तों की ओरभी तो निहारो देखो--आज तुम्हारे भक्तसर्वाधिक उपेक्षितदीन-हीन जी रहे हैं भोगों के पुजारीमहिमा-मंडित हैंसाहित्य संगीतकला के पुजारीरोटी-रोज़ी कोभटक रहे हैं क्या अपराध है इनका-? बस...
[पूरी पोस्ट]
शोभा
17
2
0
2
8
[20 Jan 2010 08:40 AM]



Shuffle








