अश्कों के मायने अलग होते !!!

अंतर्द्वंद का आइना रहमोकरम पे आपके/हमने गुजारें हों/कुछ पल अगर,यूँ ना समझना/सुकून से जीकर/मर सकें हैं हम।टूटते रहे थे/मेरे आसमान के तारे/एक-एक कर,रौशनी की लकीर/दीखती न थी,बढ़ता जाता था/अंधेरे का डर।अजीबोगरीब हुए हादशे/जिंदगी में हमारे/यकीन ना होगा,तबियत से... [पूरी पोस्ट]
writer knkayastha

Hindi-Poems

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[20 Jan 2010 08:06 AM]

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