विदुर नीति-अनुशासनहीनता से ऐश्वर्य नष्ट हो जाता है

शब्दयोग सारथी-पत्रिका अर्थानामीश्वरो यः स्यादिन्द्रियाणमीनश्वरः।इन्द्रियाणामनैश्वर्यर्दिश्वर्याद भ्रश्यते हि सः।।हिन्दी में भावार्थ-अधिक धन का स्वामी होने भी इंद्रियों पर अधिकार करने की बजाय उसके वश में हो जाने वाला भी मनुष्य ऐश्वर्य से भ्रष्ट हो जाता है।धर्मार्थोश्यः... [पूरी पोस्ट]
writer दीपक भारतदीप

hindu dharma

views
14
upvote
0
downvote
0
rating
0
comments
0
[18 Jan 2010 19:03 PM]

Free Vedic Astrology From Astrobix