विदुर नीति-अनुशासनहीनता से ऐश्वर्य नष्ट हो जाता है
अर्थानामीश्वरो यः स्यादिन्द्रियाणमीनश्वरः।इन्द्रियाणामनैश्वर्यर्दिश्वर्याद भ्रश्यते हि सः।।हिन्दी में भावार्थ-अधिक धन का स्वामी होने भी इंद्रियों पर अधिकार करने की बजाय उसके वश में हो जाने वाला भी मनुष्य ऐश्वर्य से भ्रष्ट हो जाता है।धर्मार्थोश्यः...
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दीपक भारतदीप
hindu dharma
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[18 Jan 2010 19:03 PM]



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