ज्योति बाबू.....यू आर इन माई हार्ट.....

Pretty woman उम्मीद तो ख़ामोशी से अपना दामन समेटे कब की जा चुकी थी. फिर भी एक आस जो दिल के गोशे में कहीं सिमटी हुयी थी, आज खामोशी से दम तोड़ गयी. इंसान कितना मजबूर हो जाता है कुदरत के आगे, चुपचाप उसके दिए हुए हर गम कुबूल कर लेना मजबूरी ही तो है.दिल तो सुबह से उदास था,... [पूरी पोस्ट]
writer rakhshanda
views
61
upvote
9
downvote
0
rating
9
comments
9
[18 Jan 2010 02:59 AM]

Free Vedic Astrology From Astrobix