सर्दी में तुम आ जाओ---
सर्दी में तुम आ जाओ लेकर कुछ गरमी ।आँखों में कुछ शर्म,नमक जितनी बेशर्मी ॥लाना वो मुस्कान मुझे व्याकुल जो कर दे ।वही महकता बदन वही हाथों की नरमी ॥इक दूजे पर अपना सारा प्यार लुटा दें ।कभी तनिक बिंदास, कभी कुछ सहमी सहमी ॥चलो आज आओ मेरा अन्तर्मन छू लो ।छूने...
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अजय कुमार
जवां दिल
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[18 Jan 2010 02:41 AM]



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