हिटलर और खेल : अशोक सेक्सरिया
पिछले भाग से आगे :
१९ नवम्बर से एशियाई खेलों के नाम पर जो अश्लीलता होने जा रही है , उसमें कहीं भी वह खेल नहीं होगा जिसकी हमने ऊपर चर्चा की । इनमें तमगे बटेंगे , राष्ट्रगानों की धुनें बजेंगी और हारने का मातम व जीतने की बेहयाई होगी। ऐसे में एशियाई खेलों को...
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अफ़लातून
खेल Gamesashok seksariaasianअशोक सेक्सरियाओलिम्पिक
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[17 Jan 2010 22:28 PM]



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