जैन:प्राचीन इतिहास-8

गातांक से आगे....तीर्थंकर पार्श्वनाथ -तेईसवें तीर्थंकर पार्श्वनाथ का जन्म बनारस के राजा अश्वसेन और उनकी रानी वर्मला (वामा) देवी से हुआ था। उन्होंने तीस वर्ष की अवस्था में गृह त्याग कर सम्मेदशिखर पर्वत पर तपस्या की। यह पर्वत आजतक भी पारसनाथ पर्वत नाम से... [पूरी पोस्ट]
writer HEY PRABHU YEH TERA PATH
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[17 Jan 2010 18:03 PM]

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