ज़रा सोचिये ----------ऐसा आखिर कब तक ?
लो फिरएक ख्वाहिशका जनम हो गयाएक बच्चे के जनम के साथ फिर से उसेअपनी जड़सोच के साथदुलारा जायेगाअपने अरमानो कोउसकी देह परसंवारा जायेगाइक मिटटी कापुतला समझनिखारा जायेगाउसकी इच्छाओं कागला घोंटफिर से उसेमारा जायेगाअपने सपनो कोपाने की चाहत मेंअपने स्वाभिमानकी...
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वन्दना
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[17 Jan 2010 09:14 AM]



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