एक ग़ज़ल :शौक़ है उन को मुस्कराने का..

उर्दू से हिंदी एक ग़ज़लशौक़ है उन को मुस्कराने कानीम-जानों को आजमाने का तेरी आँखों से बर्क़ कहती हैदर्स दे बिजलियाँ गिराने का हर जगह अब है जुस्तजू मेरीसिलसिला है मुझे मिटाने का इससे बेहतर है क़त्ल ही कर देफ़ायदा क्या मुझे सताने का जब क़दम कू-ए-यार में बहकेलुत्फ़ आया... [पूरी पोस्ट]
writer आनन्द पाठक
views
7
upvote
0
downvote
0
rating
0
comments
2
[16 Jan 2010 05:04 AM]

Free Vedic Astrology From Astrobix