एकता की कोशिश-हिन्दी शायरी

 दीपक भारतदीप की हिंदी सरिता भीड़ में एकता की कोशिश पर हंसी आ ही जाती है। जहां पहले ही चीख रहे हैं लोग अपनी करनी का बखान करते हुए बंद किये हैं कान, आंखों  से ढूंढ रहे अपने लिये सम्मान, वहां शांति के नारे की आवाज शोर करती नजर आती है। ——- वफादारी  खामोश जज़्बात के... [पूरी पोस्ट]
writer दीपक भारतदीप

hindi kavitahindi writingvyangya kavitaमस्त राम

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[17 Jan 2010 05:24 AM]

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