एक ग़ज़ल :आंधियों से न कोई गिला कीजिए ...

गीत  ग़ज़ल  औ गीतिका आँधियों से न कोई गिला कीजिएलौ दिए की बढ़ाते रहा कीजिएसर्द रिश्ते भी इक दिन पिघल जाएगीगुफ़्तगू का कोई सिलसिला कीजिएदर्द-ए-जानां भी है,रंज-ए-दौरां भी हैक्या ज़रूरी है ख़ुद फ़ैसला कीजिएमैं वफ़ा की दुहाई तो देता नहींआप जितनी भी चाहे जफ़ा कीजिएहमवतन आप हैं ,हमज़बां... [पूरी पोस्ट]
writer आनन्द पाठक

ग़ज़ल

views
24
upvote
0
downvote
0
rating
0
comments
6
[17 Jan 2010 03:44 AM]

Free Vedic Astrology From Astrobix