'लो अपना जहां दुनिया वालो' आसासिंह मस्‍ताना की विकल याद

यूनुस खान का हिंदी ब्‍लॉग : रेडियो वाणी पिछली पोस्‍ट में दूरदर्शन के सुहाने दिनों से निकालकर 'सरब सांझी गुरबानी' का सबद 'कोई बोले राम राम' क्‍या सुनाया यादों का पिटारा ही खुल गया है । हल्‍की-सी याद बाक़ी है दूरदर्शन के दिल्‍ली केंद्र से आसासिंह मस्‍ताना को सुनने-देखने की । आसासिंह मस्‍ताना... [पूरी पोस्ट]
writer yunus

asa singh mastana

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[17 Jan 2010 00:37 AM]

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