एक गाँठ...कुछ अपना सा
ज़िन्दगी गाँठों की उलझन बन कर रह गई हैहर एक गाँठ मजबूती का एहसास, तो कहीं...टूटे होने की कमज़ोर शक्ल दिखती है।कभी ... कुछ एक गाँठ खोलने की चाहत तो होती है, पर...डरता हूं कि, गाँठें खोलने से रिश्तों के सिरे कहीं खो न जायें,और...
[पूरी पोस्ट]
Sifar
7
0
0
0
0
[20 May 2009 16:46 PM]



Shuffle








