मुझे याद है ......
मुझे याद है ......छोटी-छोटी बातों पर,जब-जब तुम नाराज़ होती थी।ना जाने कितने दिनों तक,चार पलकों तले बरसात होती थी।फ़िर रात के अंधेरे में कभी...तुम्हारी, अपनी, वो दस्तक...मेरे दरवाज़े पे।और फ़िर कागज़ का एक पुर्जा,आधा आंसुओं में लिपटा। हाथों में लेते ही, पूरा...
[पूरी पोस्ट]
Sifar
8
0
0
0
0
[25 May 2009 08:00 AM]



Shuffle








