क्या फ़ालतू की बात करते हो!!!
(बुरे खयालात और अच्छे ख्यालात में जंग होने लगी तो कुछ टूटता फूटा लिख डाला)फुरसत नहीं मोहब्बत करने से | आप नफरत करने की बात करते हो||पाक ख़यालों की सोहबत से फुर्सत नहीं|द्वेष को आप आत्मसात करते हो||तोड़ने की कोशिश में हूँ मजहबी दायरे |आप दरो दीवार की बात...
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खुला सांड
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[16 Jan 2010 05:53 AM]



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