मन के दरवाजे पे दस्तक देना ही काफी नहीं

दर्पण के टुकड़े प्यार क्या होता है कोई सीखे मेरे यार सेना गरज दौलत से उसको ना मेरे घरबार सेना उसे मौसम की परवाह ना उसे दुनिया का डरवारी मै हिम्मत पे उसकी सदक़े उसके प्यार पेमन के दरवाजे पे दस्तक देना ही काफी नहींघर के दरवाजे पे दस्तक शामिल है उसके प्यार में raam jaane... [पूरी पोस्ट]
writer Krishan lal "krishan"
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[16 Jan 2010 02:58 AM]

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