वार्षिक संगीतमाला 2009 : पायदान संख्या 22 - ये जिंदगी भी क्या क्या हमको दिखलाती है..

एक शाम मेरे नाम तो भाइयों और बहनों वार्षिक संगीतमाला की 22 वीं पायदान पर गाना वो जिसे लिखा जावेद अख्तर साहब ने धुन बनाई एक संगीतकार तिकड़ी ने और गीत को गाया एक दूसरे संगीतकार ने। प्रतिस्पर्धा के इस युग में आजकल ये स्वस्थ परंपरा चली है कि संगीतकार कुछ दूसरे संगीतकारों को... [पूरी पोस्ट]
writer Manish Kumar

मनभावन गीत

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[16 Jan 2010 02:52 AM]

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