अमवसा क मेला - श्री कैलाश गौतम
अमिताभजी नें ई कविता पर 'अमौसा का मेला' पोस्ट की है. इसे अपने ब्लॉग पर पोस्ट करने का लोभ संवरण नहीं कर पा रहा हूँ. कैलाश गौतम जी की स्मृतियाँ एक बार पुनः आँखों के आगे आ गयीं. ऐसा लगा मानो हम आकाशवाणी में बैठे हैं और वो कह रहे हों, ज़रा लड़के को चाय पिलाओ....
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अभिनव
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[16 Jan 2010 01:03 AM]



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