करूं काम तो मन बहुत गीत गाए, गया वक्त जाकर न फिर लौट पाए । तरही मुशायरे के विशेष आमंत्रित खंड में आज दो अग्रजाओं लावण्य दीदी साहब और शार्दूला दीदी
आज तरही में विशेष आमंत्रित रचनाओं को सुनने का दिन है । पिछले शनिवार को हमने आज के दिन गीत और ग़ज़ल की जुगलबंदी सुनी थी । राकेश जी और प्राण साहब ने मिल कर समां बांध दिया था । आज भी एक जुगल बंदी है । आज की जुगल बंदी दो अग्रजाओं की है । इनमें भी शार्दूला...
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पंकज सुबीर
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[15 Jan 2010 22:23 PM]



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