हिंद देश की हिंदी भाषा , जय हिंद ही नहीं, जय हिंदी भी

हमारा खत्री समाज युग बीता अंग्रेज गए , क्‍यूं अंग्रेजी अब भी रानी। दासी बनकर हिन्‍दी बोलो , भरेगी कब तक उसका पानी ?गैरों के न हम कपडे पहनें, न औरों का भोजन खाते। क्‍यूं चोट ना लगे स्‍वाभिमान को , गैरों की भाषा ।। नाम लंच है खाते मगर , हिंदुस्‍तानी खाना यारों। 'हाय हलो'... [पूरी पोस्ट]
writer संगीता पुरी
views
47
upvote
5
downvote
0
rating
5
comments
4
[15 Jan 2010 13:03 PM]

Free Vedic Astrology From Astrobix