इति सिद्धम
॥ इति सिद्धम ॥ चूँकि स्त्रियाँ अभी भी हँसती हुई दिखाई देती हैंऔर बच्चे खेलते हुएतितलियों को फूलों के नज़दीक जाने सेरोका नहीं गयाऔर बूढ़ों को खाँसते रहने सेइसलिए ये सिद्ध होता हैकि गणतन्त्र की जड़ें गहरे तक चली गई हैंचूँकि जारी है अभी भीसंतों के प्रवचन...
[पूरी पोस्ट]
AlbelaKhatri.com
कविता काव्य-रचना आशुतोष दुबे
21
0
0
0
1
[15 Jan 2010 08:42 AM]



Shuffle








