श्री गीता से-वेद ज्ञान से बड़ी है ह्रदय से की गए भक्ति (ved aur bhakt-shri geeta in hindi)
यामिमां पुष्पितां वाचं प्रवदन्त्यविपश्चितः। वेदावादरताः पार्थ नान्यदरस्तीति वादिनः।। कामात्मानः स्वर्गपरा जन्मकर्मफलप्रदाम्। क्रियाविशेषबहुलां भोगैश्वर्यगतिं प्रति।। भोगैश्वर्यप्रस्कतानां तयापहृतचेसाम्।। व्यवसायात्मिका बुद्धिः समाधौ न विधीयते।। (श्री...
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दीपक भारतदीप
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[13 Sep 2009 00:44 AM]



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